पुणे: एक हेल्थ एटीएम 65 से अधिक क्लिनिकल टेस्ट करेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग संभव; लोगों के लिए किफायती; केवल 10 मिनट में होगी मरीज की जांच
पुणे, 14 जुलाई (आ. प्र.)
केवल 10 मिनट में एआई प्रणाली के माध्यम से निवारक स्वास्थ्य देखभाल के अंतर्गत 65 से अधिक क्लिनिकल टेस्ट करना संभव है और इसकी रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग संभव होगा. होटल ऑर्बिट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘क्लीनिक ऑन क्लाउड’ के संस्थापक और सीईओ अभय अग्रवाल ने हेल्थ एटीएम के बारे में यह जानकारी दी.
पुणे के एक दंपति अभय और मनश्री अग्रवाल ने ‘क्लिनिक्स ऑन क्लाउड’ नामक एक हेल्थ एटीएम का विकास किया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक कुशल और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहें. इस अवसर पर ‘क्लीनिक ऑन क्लाउड’ की सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक मनश्री अग्रवाल और महाराष्ट्र में इस हेल्थ एटीएम के वितरण व्यवस्था देख रही डायनाब्रॉड कंपनी के अजय दुमणे भी उपस्थित थे.
अभय अग्रवाल ने कहा कि, अब भी ग्रामीण भारत में अपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था पहुंची नहीं है. यहां पर डॉक्टर तो हैं, लेकिन उनके पास जरूरी जांच आसानी से करने की सुविधा नहीं है. कई जगहों पर सुविधाएं होने के बावजूद, जांचों के परिणाम तुरंत नहीं मिलते, इसलिए अक्सर उचित निदान करना संभव नहीं हो पाता. इसी पृष्ठभूमि में, हमने ‘क्लिनिक ऑन क्लाउड’ की अवधारणा के माध्यम से इस हेल्थ एटीएम को उपलब्ध कराया है, जिसके जरिए सिर्फ 10 मिनट में 65 से ज्यादा जांचें कर मरीज की बीमारी का पता लगाया जा सकता है. खास बात यह है कि, ग्राहक का इस्तेमाल करके बनाए गए इस एटीएम के जांचों के परिणाम 95% से ज्यादा सटीक और तुरंत उपलब्ध होते हैं, जिससे मरीज और डॉक्टर, दोनों को फायदा होगा.
जांच के नतीजे हाथ में आते ही, ग्रामीण इलाकों के मरीज अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार शहर के डॉक्टरों को तुरंत मेल और व्हाट्सएप के जरिए रिपोर्ट भेज सकते हैं. इस डिवाइस में टेलीमेडिसिन तकनीकी के जरिए सीधे डॉक्टर से बात कर आगे का इलाज तुरंत शुरू करना आसान होगा. अभय दुमणे ने बताया कि इस समय भारत के और 7 देशों के 150 से ज्यादा शहरों में 3000 से ज्यादा हेल्थ एटीएम चालू हैं और अब तक 80 लाख से ज्यादा मरीज इसका इस्तेमाल कर चुके हैं.